पाकिस्तान यमन में हूती विद्रोहियों के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेगा.


तीन दिनों तक चली बहस के बाद पाकिस्तान की संसद ने सैनिक कार्रवाई में हिस्सा लेने के ख़िलाफ़ मतदान किया.


यमन में सऊद अरब के नेतृत्व में हूती विद्रोहियों के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई चल रही है.


पाकिस्तान के सांसदों ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव के पक्ष में मत दिया जिसमें कहा गया है कि ''पाकिस्तान यमन में निष्पक्ष रहेगा.''


सऊदी ने मांगी थी मदद


सऊदी अरब ने यमन में हूती विद्रोहियों के ख़िलाफ़ चलाए जा रहे अभियान में पाकिस्तान से सैनिक सहायता, विमान और जहाज़ की मांग की थी.


पाकिस्तान की संसद ने इस अभियान में भाग लेने पर सोमवार को बहस शुरू की थी. सांसद यमन में सैन्य बलों के भेजे जाने के ख़िलाफ़ बोले.


सऊदी अरब और यमन सीमाएं साझा करते हैं जिसकी वजह से 
सऊदी के क्षेत्र को भी अस्थिरता का ख़तरा बना हुआ है.


संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि 19 मार्च से अब तक 560 लोग मारे जा चुके हैं.
सऊदी अरब के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना का कहना है कि उनके लड़ाकू विमानों ने सैन्य ठिकानों, हवाई अड्डों और हथियार के भंडारों और विद्रोहियो के मुख्यालय को ही निशाना बनाया है, लेकिन रिहायशी इलाक़ों पर हमला नहीं किया.

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